भोपाल: ईयू कार्यक्रम के तहत ग्राम मूंडला में किसान प्रक्षेत्र दिवस आयोजित।
भोपाल- ईयू कार्यक्रम एवं सोलिडेरिडाड संस्था के संयुक्त तत्वावधान में भोपाल जिले के ग्राम मूंडला में पुनर्योजी कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसान प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती आरती रजावत जी एवं शांति कुड़ापे जी, ग्राम सरपंच श्री रूपसिंह वर्मा जी, ग्राम सचिव दीपक श्रीवास्तव जी तथा सोलिडेरिडाड संस्था से कृषि विशेषज्ञ श्री धर्मेन्द्र पुरबिया और श्री रामबाबू लोधा उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में लीड एवं एसोसिएट किसानों ने भी भागीदारी की।
कृषि विशेषज्ञ श्री धर्मेन्द्र पुरबिया ने ईयू कार्यक्रम का परिचय देते हुए कहा कि सुरक्षित खाद्य उत्पादन और जलवायु अनुकूलन के लिए पुनर्योजी कृषि को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने पुनर्योजी कृषि के प्रमुख सिद्धांत जैसे – न्यूनतम जुताई, फसल विविधता, मृदा संरक्षण, जैविक कार्बन की मात्रा में बढ़ोतरी और पशुधन समावेश की जानकारी दी।
कृषि विस्तार अधिकारी ने एकीकृत पोषण प्रबंधन हेतु जैविक उत्पादों के उपयोग तथा रोग एवं कीट प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की। किसानों को सोयाबीन फसल में लगने वाले प्रमुख रोग-कीटों की पहचान, एवं उनके प्रबंधन हेतु पीले चिपचिपे ट्रैप, फेरोमोन ट्रैप, लाइट ट्रैप एवं जैव-कीटनाशकों के प्रयोग के बारे में बताया गया। इसके बाद प्रतिभागियों ने बायो रिसोर्स सेंटर का भ्रमण कर जीवामृत, पाँच पत्ती काढ़ा एवं कंडा टॉनिक तैयार करने की विधि जानी। इसके अलावा लीड किसान श्री सचिन वर्मा के सोयाबीन डेमो प्लॉट पर उन्नत एवं पुनर्योजी कृषि तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें बॉर्डर क्रॉप, ट्रैप क्रॉप, एग्रोफोरेस्ट्री क्रॉप, पीले कार्ड, फेरोमोन ट्रैप और टी-बर्ड पैच जैसी तकनीकें शामिल रहीं। कार्यक्रम के दौरान प्रगतिशील किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और अन्य किसानों से पुनर्योजी कृषि अपनाने का आग्रह किया। इसके बाद प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया, जिसमें किसानों की फसल संबंधी प्रश्नों का समाधान भी किया गया। ग्राम सरपंच श्री रूपसिंह वर्मा जी ने सोलिडेरिडाड संस्था के द्वारा पुनर्योजी कृषि को बढ़ावा देने हेतु किए जा रहे कार्यो की सराहना की। अंत में सोलिडरिडाड संस्था से श्री रामबाबू लोधा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त कर कार्यक्रम का समापन किया।