भोपाल- ईयू कार्यक्रम एवं सोलिडेरीडाड संस्था के माध्यम से भोपाल जिले के ग्राम गुनगा में पुनर्योजी कृषि के तहत किसान प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि कृषि विभाग से कृषि विस्तार अधिकारी डॉ. विवेक गुमास्ता जी, ग्राम सरपंच श्री संतोष लोधी जी एवं सोलिडेरीडाड संस्था से कृषि विशेषज्ञ श्री धर्मेंद्र पुरबिया जी एवं लीड, एसोसिएट महिला और पुरुष किसान उपस्थित हुए। संस्था से कृषि विशेषज्ञ श्री धर्मेंद्र पुरबिया द्वारा ईयू प्रोग्राम का परिचय देते हुए, सुरक्षित खाद्य और अनुकूल जलवायु के लिए पुनरयोजी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। पुनर्रयोजी कृषि के प्रमुख सिद्धांत एवं पद्धतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।

इसके साथ ही ईयू सोयाबीन पायलट डेमोंसट्रेशन में उपयोग की जाने वाले पुनर्रयोजी कृषि पद्धतियों की जानकारी दी। मृदा स्वास्थ्य के महत्व पर ध्यान केंद्रित करते हुए पुनर्योजी कृषि पद्धतियों पर जोर दिया। पुनर्योजी कृषि के सिद्धांत जैसे- कम से कम जुताई, मृदा संरक्षण, फसल विविधीकरण, मृदा में कार्बन की मात्रा को बढ़ाना एवं खेती में पशुधन एकीकरण पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। कृषि विस्तार अधिकारी डॉ विवेक गुमास्ता जी द्वारा सोयाबीन के प्रमुख रोग एवं कीट की पहचान और एकीकृत रोग एवं कीट प्रबंधन (आईपीएम), हेतु चिपचिपे ट्रैप फेरोमोन ट्रैप और जैव कीटनाशकों के उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी गई। इसके बाद में बायो रिसोर्स सेंटर का विजिट किया जहां पर कृषि विशेषज्ञ धर्मेंद्र पुरबिया जी ने जीवामृत,पांच पत्ती काढ़ा, कंडा टॉनिक तैयार करने की विधि,उनके उपयोग और जैव-आदान पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने पर चर्चा की। इसके उपरांत लीड एवं एसोसिएट किसानों के साथ सोयाबीन डेमो प्लॉट का विजिट किया गया। लीड किसान लीलाकिशन लोधी द्वारा सोयाबीन डेमो प्लॉट में की गई अच्छी कृषि पद्धतियां,एकीकृत पोषण प्रबंधन एवं एकीकृत प्रबंधन, बॉर्डर क्रॉप, ट्रैप क्रॉप, एग्रोफोरेस्ट्री क्रॉप, एकीकृत कीट प्रबंधन के तहत पीले चिपचिपे कार्ड, फेरामोन ट्रैप, टी आकार की खूंटी (T-बर्ड पेचेस ) के बारे में जानकारी साझा की गई। इसके साथ ही ग्राम सरपंच श्री संतोष लोधी जी द्वारा पुनर्योजी कृषि पर अनुभव सांझा करते हुए, सभी किसानो से पुनर्योजी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने का अनुरोध किया एवं प्रगतिशील किसानो द्वारा पुनर्योजी कृषि के बारे में अपने अनुभव साझा किए, जिसके बाद कृषि विशेषज्ञों के साथ प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। ग्राम सरपंच श्री संतोष लोधी जी द्वारा सॉलिडेरिडाड संस्था के द्वारा चलाए जा रहे EU कार्यक्रम के तहत पुनर्योजी कृषि के क्षेत्र किए जा रहे कृषक हितेषी कार्यो की सराहना करते हुए संस्था का धन्यवाद किया। सोलिडरिडाड संस्था से कृषि विशेषज्ञ धर्मेंद्र पुरबिया द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त कर कार्यक्रम का समापन किया गया।